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चैनल: अन्य


ब्लॉग्स (7)
मेरे लेख से आप सभी आहत हुए उसके लिए माफ़ी चाहता हूँ! पर यह माफ़ी मैं पहले भी माँग चुका हूँ कि हिन्दी पर मेरी पकड़ उतनी मज़बूत नही है, इसलिए शायद आप लोग मेरी बात नही समझ पाए. मैं वेब-दुनिया पर इल्जाम नही लगाना चाह रहा था पर सभी को इस प्रवृत्ति के ख़िलाफ़ सचेत ... आगे पढ़ें...

वेब-मास्टर जी आपसे ये उम्मीद नही थी क्या यहाँ भी तानाशाही चलती है, सच का गला घोंटा जाता है.चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !अपने लेखों को चोरों से बचाएँ!इसमे क्या आपत्तिजनक है कृपा करके ये भी बता दें!देखें इसी नाम से मेरा लेख अधिक ब्लॉगस के ... आगे पढ़ें...

चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !शायद आपको याद हो सरकार के भविष्य और वाम-दलों की नीयत पर मैंने एक लेख लिखा था - ब्लफ-मास्टर. इसको मैंने वेब-दुनिया बहस में और ब्लॉग-दुनिया में भेजा (क्योंकि मेरी बातें तार्किक हैं और जैसा मैंने कहा था वैसा ही हो ... आगे पढ़ें...

ब्लफ-मास्टर ! जी हाँ यही शब्द मेरे दिमाग में कौंधा जब मैंने सुना कि वाम-दल मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले रहे हैं. मुझे अब भी यही लगता है कि न सिर्फ ये सरकार बच जाएगी पर वाम-दलों को साथ लेकर परमाणु समझौता भी कर लेगी.ऐसा क्यों? आगे पढिए.पिछले चार ... आगे पढ़ें...

सिंह इज किंग (Singh is Kinng) के प्रोमो में अक्की (अक्षय कुमार) ने बताया की सरदार-चुटकुलों से वो काफ़ी आहत होते थे और एक ऐसी फ़िल्म में काम करना चाहते थे जिसमे सिखों (सरदारों) का असल व्यक्तित्व सामने आए. उनकी मेहनत, शोहरत और ताकत की इज्ज़त हो. भगवान ने ... आगे पढ़ें...

धन्यवाद वेब दुनियाजब मैंने वह पाती लिखी थी तब मुझे लगा था की मुझ जैसे की बात कौन सुनेगा. पर वेब दुनिया ने मेरी बात सुनी और मुझे इस बात की बहुत खुशी है की उस पर अमल भी किया.पूरे पोर्टल का नक्शा बदल गया है और इसमे टेग-क्लाउड भी है. अनुशंसाएँ भी आ गई हैं . ... आगे पढ़ें...

में वेब-दुनिया में नया हूँ इसलिए यह लेख लिखने को बाध्य हूँ. हम अपना समय और दिमाग इंटरनेट में इस आशा में लगाते हैं कि कुछ सार्थक और अच्छा मिलेगा. (आप में से कई मुझसे सहमत नही होंगे) वेब-दुनिया पर भी कई काम के लेख और जानकारियाँ उपलब्ध हैं (होंगी) पर उनको ढूंढ पाना मेरे लिए तो बहुत कठिन है. इसमे वेब-मास्टरजी हमारी मदद कर सकते हैं. संपादक महोदय तो हर हफ्ते लेखों को पढ़ते ही है. कई उनको पसंद भी आते होंगे पर जगह के अभाव के कारण प्रकाशित नही हो पाते होंगे. एक हफ्ते की मेहनत बर्बाद. अगर वेब-मास्टरजी 'EDITOR'S CHOICE' नामक एक चैनल 'hindi.mywebdunia.com' पर लगा दें जहाँ इन लेखों के साथ-साथ नव-दुनिया में प्रकाशित लेख संग्रहित हों तो मुझ जैसे कईयों का भला हो जाएगा. इसके अलावा 'Tag Cloud' भी 'homepage' पर रख सकते हैं. और ब्लागरो के लिए यह एक 'हाल आफ फेम' की तरह होगा जो उनकों और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करेगा और इंटरनेट पर कचरा फेंकने वाले और लोगों को लुभावने शीर्षकों से खींचने वालों पर थोड़ा अंकुश लगेगा. अगर पाठक और अन्य ब्लॉगर मुझसे सहमत हों तो अपनी टिप्पणियां जोड़कर वेब-दुनिया को बेहतर बनाने की इस मुहिम को समर्थन प्रदान करें. धन्यवाद. आगे पढ़ें...