Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]
25 में से 1 - 15 प्रदर्शित हो रहे हैं 1 2
ब्लॉग्स (25)


१. कितने पास फ़िर भी कितने दूर - सड़क ने बाँटा.२. मैं बड़ा कि तू बड़ा - वर्चस्व की लड़ाई.३. अरे! ये तो ग्रीन-बेल्ट लग रही है. . . - शायद अतिक्रमण है.(स्थान: सेकंड स्टाप, भोपाल) आगे पढ़ें...

मेरे लेख से आप सभी आहत हुए उसके लिए माफ़ी चाहता हूँ! पर यह माफ़ी मैं पहले भी माँग चुका हूँ कि हिन्दी पर मेरी पकड़ उतनी मज़बूत नही है, इसलिए शायद आप लोग मेरी बात नही समझ पाए. मैं वेब-दुनिया पर इल्जाम नही लगाना चाह रहा था पर सभी को इस प्रवृत्ति के ख़िलाफ़ सचेत ... आगे पढ़ें...

ये कौन सा खेल है -मैं बताऊँ, COPY-PASTE (कापी-पेस्ट) का, यहाँ से सभी के लिए लगाई गई टाइल्स (tiles) निकालो और अपने घर में लगाओ ! इसको चोरी भी कहा जाता है . (location: Bhopal, The Science Centre Road)(स्थान: भोपाल, साइंस सेंटर रोड) आगे पढ़ें...

वेब-मास्टर जी आपसे ये उम्मीद नही थी क्या यहाँ भी तानाशाही चलती है, सच का गला घोंटा जाता है.चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !अपने लेखों को चोरों से बचाएँ!इसमे क्या आपत्तिजनक है कृपा करके ये भी बता दें!देखें इसी नाम से मेरा लेख अधिक ब्लॉगस के ... आगे पढ़ें...

चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !शायद आपको याद हो सरकार के भविष्य और वाम-दलों की नीयत पर मैंने एक लेख लिखा था - ब्लफ-मास्टर. इसको मैंने वेब-दुनिया बहस में और ब्लॉग-दुनिया में भेजा (क्योंकि मेरी बातें तार्किक हैं और जैसा मैंने कहा था वैसा ही हो ... आगे पढ़ें...

ब्लफ-मास्टर ! जी हाँ यही शब्द मेरे दिमाग में कौंधा जब मैंने सुना कि वाम-दल मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले रहे हैं. मुझे अब भी यही लगता है कि न सिर्फ ये सरकार बच जाएगी पर वाम-दलों को साथ लेकर परमाणु समझौता भी कर लेगी.ऐसा क्यों? आगे पढिए.पिछले चार ... आगे पढ़ें...


सिंह इज किंग (Singh is Kinng) के प्रोमो में अक्की (अक्षय कुमार) ने बताया की सरदार-चुटकुलों से वो काफ़ी आहत होते थे और एक ऐसी फ़िल्म में काम करना चाहते थे जिसमे सिखों (सरदारों) का असल व्यक्तित्व सामने आए. उनकी मेहनत, शोहरत और ताकत की इज्ज़त हो. भगवान ने ... आगे पढ़ें...

आज के चित्र, स्नूप डॉग (Snoop Dogg) और मकरंद देशपांडे. (स्नूप डॉग ने सिंह इज़ किंग (Singh is Kinng) में गाना गाया है) आगे पढ़ें...




पेट्रोल की बात मैंने पिछले लेख में की, इस बार बात उसके जलने के बाद बनने वाले धुएं की. अगर आपको याद हो कुछ सालों पहले पी.यू.सी.(पाल्यूशन अंडर कंट्रोल) चेक की मुहीम शुरू हुई थी. अन्य सरकारी मुहिमों की तरह यह भी मध्यम-वर्गीय परिवारों को चूना लगाकर कुम्भकरणी नींद सो गई. हो सकता है इतने सालों बाद भूख से व्याकुल होकर उसकी नींद खुल जाए,तो तैयार रहने में ही भलाई है. आगे पढ़ें...

25 में से 1 - 15 प्रदर्शित हो रहे हैं 1 2