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वेब-दुनिया (और जयदीप जी) का एक बार फ़िर धन्यवाद !


मेरे लेख से आप सभी आहत हुए उसके लिए माफ़ी चाहता हूँ!

पर यह माफ़ी मैं पहले भी माँग चुका हूँ कि हिन्दी पर मेरी पकड़ उतनी मज़बूत नही है, इसलिए शायद आप लोग मेरी बात नही समझ पाए. मैं वेब-दुनिया पर इल्जाम नही लगाना चाह रहा था पर सभी को इस प्रवृत्ति के ख़िलाफ़ सचेत करना चाह रहा था.

गनीमत है जयदीप जी को मेल 'ENGLISH' में लिखी और मेरा दर्द उन्हें समझ आ गया.

एक बार फ़िर धन्यवाद वेब-दुनिया !

(अगली बार, [भगवान न करे ऐसा हो] थोडी अच्छी हिन्दी लिखने की कोशिश करूंगा )

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