चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !
शायद आपको याद हो सरकार के भविष्य और वाम-दलों की नीयत पर मैंने एक लेख लिखा था - ब्लफ-मास्टर. इसको मैंने वेब-दुनिया बहस में और ब्लॉग-दुनिया में भेजा (क्योंकि मेरी बातें तार्किक हैं और जैसा मैंने कहा था वैसा ही हो रहा है). पर जब मैंने (आज का) सम्पादकीय पेज देखा तो हैरान रह गया, मेरे लेख की लाईने किसी और के नाम से प्रकाशित थी.
अब ज्यादा कहने के लिए मेरे पास कुछ नही है, आप अपने लेखों को इन चोरों से बचाएँ क्योंकि संपादक महोदय को असली नकली का फर्क नही है - कल को आपकी मेहनत किसी और को नाम और पैसा दिला दे तो रोइएगा मत.
जहाँ तक मेरी बात है यह वेब-दुनिया पर आखरी लेख है, मैं गूगल ब्लॉगर पर नया (हिन्दी) ब्लॉग बना रहा हूँ, मुझे नही चाहिए वेब-दुनिया जैसी प्रसिद्धि.
अलविदा.
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