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चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !

अपने लेखों को चोरों से बचाएँ!




चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !

शायद आपको याद हो सरकार के भविष्य और वाम-दलों की नीयत पर मैंने एक लेख लिखा था - ब्लफ-मास्टर. इसको मैंने वेब-दुनिया बहस में और ब्लॉग-दुनिया में भेजा (क्योंकि मेरी बातें तार्किक हैं और जैसा मैंने कहा था वैसा ही हो रहा है). पर जब मैंने (आज का) सम्पादकीय पेज देखा तो हैरान रह गया, मेरे लेख की लाईने किसी और के नाम से प्रकाशित थी.

अब ज्यादा कहने के लिए मेरे पास कुछ नही है, आप अपने लेखों को इन चोरों से बचाएँ क्योंकि संपादक महोदय को असली नकली का फर्क नही है - कल को आपकी मेहनत किसी और को नाम और पैसा दिला दे तो रोइएगा मत.

जहाँ तक मेरी बात है यह वेब-दुनिया पर आखरी लेख है, मैं गूगल ब्लॉगर पर नया (हिन्दी) ब्लॉग बना रहा हूँ, मुझे नही चाहिए वेब-दुनिया जैसी प्रसिद्धि.

अलविदा.




प्रतिक्रियाएँ

Re: चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !
गुमनाम जी, आप तो खुद गुमनाम है और दूसरो पर आरोप लगा रहे हैं कि आपका लेख दूसरे के नाम छपा है अरे आप खुद अपनी identity छुपाते है तो ये कैसे पता लगेगा कि आप ही उस लेख के मालिक हैं ? बिना किसी तथ्य और सबूत के दुसरों को बदनाम नहीं करना चाहिये
Re: चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !
आपने मुझे क्या बुलाया, गुमनाम! अरे भाई गुमनाम भी तो एक नाम है.
Re: चोरों को बढ़ावा देते नव-दुनिया और वेब-दुनिया !
और जहाँ तक तथ्यों और सबूतों का सवाल है वो आप आज के नव-दुनिया और मेरे लेख ब्लफ-मास्टर को देखें. या इन चित्रों पर भरोसा करें.
संदीप जी को जवाब !
मेरा पक्ष सुने बैगर मेरे बारे में आप ऐसा कैसे कह सकते हैं, खैर ! १. मैंने वेब-दुनिया पर चोरी का इल्जाम नही लगाया है. २. रिपोर्ट एब्यूज करने के लिए क्या २४-घंटे बैठे रहें ! चोरों की बुराई करना छोड़कर मेहनत करने वालों की बुराई करते हो, आपका तो भगवान् ही मालिक है. [copy-paste kar sakta hai, हाँ भई करो कापी-पेस्ट से ही तो ये देश चल रहा है] ३. जैसा कि एक बन्धु राजा ने कहा, तथ्यों और सबूतों की बात करो, मौलिकता को सबूत नही चाहिए, पर चोरी को अवश्य चाहिए. आगे आपकी मर्ज़ी.
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