मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि चेहरों में कुछ खास लक्षण होते हैं जो उनकों आकर्षक बनाते हैं. यह चेहरे की बनावट भी हो सकती है या आंखों का रंग या नाक या होंठ या मुस्कराहट.
पर ये इतने सूक्ष्म होते हैं की सिर्फ हमारा अवचेतन ही इनको पकड़ पाता है. इस तथ्य की जांच में दूसरी तरह से की, मैंने हालीवुड और बालीवुड में समान चेहरे ढूंढना शुरू किया, जितना मुझे मिल उससे तो तथ्य को बल मिलता है (पर अगर में असमान चेहरे भी ढूँढता तभी इसको पूर्णतः सही कह पाता).
मनोवैज्ञानिको का यह भी मानना है कि चेहरे के कुछ लक्षण हमें व्यक्ति की जीवन में सफलता/असफलता के बारे में बताते हैं.
फिर भी आप देखें क्या यह सही है और अगर आपके पास भी कोई जोड़ी हो तो मुझे ज़रूर सूचित करें.
आज के चित्र, शाहिद कपूर और आएशा टाकिया,
दोनों के चेहरे इतने मिलते हैं कि बचपन में इन्होने कोम्प्लान के एड में भाई-बहन कि भूमिका की थी.
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